11 जून : हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित सरकारी स्कूलों के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों को गति मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने पोस्ट डिजास्टर नीड्स असेस्मेंट (पीडीएनए) के तहत 49 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। इस राशि का उपयोग प्रदेश के 1678 स्कूल भवनों को दुरुस्त करने में किया जाएगा, जिससे हजारों विद्यार्थियों को अस्थायी कक्षाओं और वैकल्पिक व्यवस्थाओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा विभाग ने क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण (हिमुडा) को सौंपी है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सबसे अधिक प्रभावित स्कूलों को प्राथमिकता देते हुए कार्य जल्द शुरू किए जाएं। अधिकारियों का मानना है कि भवनों की बहाली से न केवल आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि विद्यार्थियों की पढ़ाई भी सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगी।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रदेश के 559 शिक्षण संस्थान प्रभावित हुए थे, जिनमें 31 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का आकलन किया गया था। इससे पहले वर्ष 2023 में 1209 स्कूलों को नुकसान पहुंचा था, जिनकी मरम्मत के लिए 46 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था।
प्रदेश सरकार ने भविष्य के लिए स्कूल भवन निर्माण की नीति में भी बदलाव किया है। अब नए भवनों का निर्माण छात्र संख्या को ध्यान में रखकर किया जाएगा और सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही भूमि चयन से लेकर निर्माण कार्यों तक की जवाबदेही संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि नदी-नालों से 100 मीटर के दायरे में सरकारी भवनों का निर्माण नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इन उपायों से भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान शैक्षणिक संस्थानों को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।