11 जून : हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन्यजीव अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों में प्रवेश, फोटोग्राफी, फिल्म शूटिंग, ड्रोन संचालन, शोध कार्य और अन्य गतिविधियों के लिए लागू शुल्कों में संशोधन कर नई दरें लागू कर दी हैं। वन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार वन्यजीव (संरक्षण) हिमाचल प्रदेश (संशोधन) नियम, 2026 प्रदेशभर में प्रभावी हो गए हैं। यह संशोधन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत प्रदत्त शक्तियों के अंतर्गत किए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत वन्यजीव अभयारण्यों में पर्यटन, फोटोग्राफी या अन्य वैध उद्देश्यों से प्रवेश करने वाले भारतीय नागरिकों को पहले तीन दिनों तक 300 रुपये प्रतिदिन तथा इसके बाद 500 रुपये प्रतिदिन शुल्क देना होगा। विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क क्रमशः 600 रुपये और 1000 रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया है। स्कूल विद्यार्थियों को शुल्क में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी, जबकि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को पूरी तरह शुल्क मुक्त रखा गया है। हल्के वाहनों के लिए 1000 रुपये और भारी वाहनों के लिए 2000 रुपये प्रतिदिन शुल्क तय किया गया है।
प्रोफेशनल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए भी नई दरें लागू की गई हैं। भारतीय नागरिकों के लिए स्टिल कैमरे का शुल्क पहले तीन दिनों तक 625 रुपये तथा अतिरिक्त दिनों के लिए 125 रुपये प्रतिदिन रहेगा। विदेशी नागरिकों को इसके लिए क्रमशः 1250 रुपये और 250 रुपये प्रतिदिन शुल्क देना होगा।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों में ड्रोन उड़ाने के लिए मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक (चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन) की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। हिमाचल सरकार और उसकी एजेंसियों के लिए ड्रोन संचालन का शुल्क पहले तीन दिनों तक 10 हजार रुपये प्रतिदिन निर्धारित किया गया है। अन्य सरकारी एजेंसियों के लिए यह शुल्क 30 हजार रुपये तथा निजी संस्थाओं, मीडिया संगठनों, गैर सरकारी संस्थाओं और फ्रीलांस फोटोग्राफरों के लिए 50 हजार रुपये प्रतिदिन रहेगा।
सिने कैमरा संचालन के लिए भारतीय नागरिकों को पहले तीन दिनों के लिए 12,500 रुपये तथा बाद के दिनों के लिए 18,500 रुपये प्रतिदिन शुल्क देना होगा। विदेशी नागरिकों के लिए यह शुल्क 25 हजार रुपये से शुरू होकर 37,500 रुपये प्रतिदिन तक निर्धारित किया गया है। वहीं निजी एजेंसियों द्वारा फीचर फिल्म निर्माण के लिए 10 हजार रुपये प्रतिदिन या 60 हजार रुपये प्रति सप्ताह तथा सरकारी एजेंसियों के लिए 6 हजार रुपये प्रतिदिन या 35 हजार रुपये प्रति सप्ताह शुल्क तय किया गया है।
अध्ययन और वैज्ञानिक शोध कार्य करने वाले भारतीय नागरिकों को 100 रुपये प्रतिदिन तथा विदेशी नागरिकों को 500 रुपये प्रतिदिन शुल्क देना होगा। विभिन्न शोध संस्थानों, विश्वविद्यालयों और विदेशी संस्थाओं के लिए वार्षिक लाइसेंस शुल्क भी निर्धारित किए गए हैं। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मोबाइल फोन कैमरे के उपयोग पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और यह प्रवेश शुल्क में शामिल माना जाएगा। सभी शुल्क अग्रिम रूप से एकमुश्त जमा कराने होंगे।