29 अगस्त: कुल्लू के भेखली-ब्यासर सड़क मार्ग पर कटाहर के समीप शुक्रवार को हुए एचआरटीसी बस हादसे के बाद प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों की जांच तेज कर दी है। हादसे में घायल 46 यात्रियों में से 33 को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि बस चालक समेत 13 घायलों का कुल्लू के सिविल अस्पताल में उपचार जारी है।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। राज्य सरकार की ओर से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
प्रशासन और पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटे हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बस अचानक अनियंत्रित क्यों हुई। बस में तकनीकी खराबी आई थी या हादसा मानवीय भूल के कारण हुआ, इसकी जांच चालक के बयान और घटनास्थल के निरीक्षण के आधार पर की जा रही है।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय बस में 35 महिलाएं और 11 पुरुष सवार थे। राहत की बात यह रही कि बस खाई में गिरने के बजाय पहाड़ी से टकरा गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
हादसे में घायल यात्रियों में पार्वती देवी, मोनिका, भव्या ठाकुर, राजेन्द्र, कन्यन, शिवानी, अंजू, साजिया, पार्वती, केसरी देवी, भली देवी, रूमा देवी, जयवंती, सीता, सुरती देवी, कृष्णा देवी, जीता देवी, तेज सिंह, मोहिनी ठाकुर, शिवांशी, नाथी देवी, तम्मना, निखिल, किरणा, मंजू, उर्मिला, शम्भू राम, प्रवीण कुमार, सरला देवी, अंशु, चन्द्रकला, दीपलता, तानिया, शान्ता, सीमा, टेकचन्द, नेहा, विशना, कविता, बबली, हिमांशु, प्रियांशी, सावित्री, मोक्ष, सिद्धार्थ और मोहिनी शामिल हैं।