31 अगस्त: हरोली विधानसभा क्षेत्र में स्वां नदी पर 52 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन त्यूड़ी-पंडोगा पुल का कार्य तेजी से चल रहा है। आधा किलोमीटर से अधिक लंबा यह पुल मार्च 2027 तक सड़क सहित तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। पुल के बनने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
पुल के निर्माण से आसपास की करीब 15 पंचायतों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा हरोली, गगरेट, कुटलैहड़ और चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए भी आवाजाही आसान होगी। त्यूड़ी और पंडोगा के बीच की दूरी करीब 15 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे लोगों के समय और ईंधन की बचत होगी। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्वां नदी पर बन रहा यह पुल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। हरोली विधानसभा क्षेत्र में ही हिमाचल प्रदेश का सबसे लंबा रामपुर पुल भी स्थित है। त्यूड़ी-पंडोगा पुल के बनने से क्षेत्र में कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी तथा लंबे समय से चली आ रही लोगों की आवाजाही की समस्या का स्थायी समाधान होगा।
पुल में कुल 13 स्पैन लगाए जाने हैं, जिनमें से 11 स्पैन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। शेष दो स्पैन का काम बरसात के बाद पूरा किया जाएगा। पुल को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि त्यूड़ी-पंडोगा पुल क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जो अब धरातल पर साकार हो रही है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल पुल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी, व्यापार और विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले स्वां नदी को पार करने के लिए लोगों को छोटी पुलिया का सहारा लेना पड़ता था और हादसों का खतरा बना रहता था। अब पुल के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान होने जा रहा है।