4 अगस्त: अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के इतिहास में पहली बार आयोजित की गई मिस मिंजर क्वीन प्रतियोगिता का खिताब चंबा की नंदनी ने अपने नाम किया। प्रतियोगिता में कांगड़ा की अर्चिशा फर्स्ट रनरअप और मंडी की श्रेया सैकेंड रनरअप रहीं। मेले के समापन समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विजेता सहित दोनों रनरअप को नकद पुरस्कार और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।
स्थानीय प्रशासन की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश की युवतियों को अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और पारंपरिक परिधानों को प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध करवाना था। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने विभिन्न चरणों में अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।
चंबा जिले के सुरंगानी क्षेत्र की बियाणा पंचायत की रहने वाली नंदनी वर्तमान में बी-फार्मेसी की छात्रा हैं और जीपैट की तैयारी भी कर रही हैं। उनके पिता शेर सिंह राठौर और माता हिमति देवी शिक्षक हैं। माता-पिता की पोस्टिंग बाहरी जिलों में होने के कारण नंदनी का बचपन आठवीं कक्षा तक अपनी दादी नारो देवी के सानिध्य में बीता। नंदनी ने बताया कि उन्हें प्रतियोगिता के बारे में छुट्टियों के दौरान जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने अचानक ऑडिशन दिया। इसके बाद महज चार दिन की तैयारी में उन्होंने मिस मिंजर क्वीन का खिताब अपने नाम कर लिया। वह अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के सहयोग और दादी से मिले आत्मविश्वास को देती हैं।
प्रतियोगिता में फर्स्ट रनरअप रहीं कांगड़ा की अर्चिशा मनोचिकित्सा की पढ़ाई कर रही हैं। मेडिकल की पढ़ाई के साथ उन्होंने मॉडलिंग में भी अपनी पहचान बनाई है। उनके पिता राजनीतिज्ञ हैं और माता निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। अर्चिशा के जीवन में उनकी दादी सुलोचना का भी अहम योगदान रहा है। इससे पहले वह मिस नॉर्दर्न इंडिया की रनरअप रह चुकी हैं और अब बड़ी सौंदर्य प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रही हैं। अर्चिशा का कहना है कि हिमाचल की युवतियों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत केवल अपनी झिझक छोड़कर आगे बढ़ने की है।
मंडी के हीरानगर की रहने वाली श्रेया ने सैकेंड रनरअप का खिताब हासिल किया। उनके पिता भीमसेन ऑटो चालक हैं, जबकि माता रमिता गृहिणी हैं। ग्रेजुएशन के बाद श्रेया डेटा एनालिसिस का कोर्स कर रही हैं। पढ़ाई के साथ वह फ्रीलांस मॉडलिंग और क्लासिकल डांस भी करती हैं। वह एक बॉलीवुड फिल्म में अभिनय भी कर चुकी हैं। इससे पहले श्रेया मिस हिमालयन प्रिंसेस का खिताब जीत चुकी हैं और मिस हिमाचल प्रतियोगिता के टॉप-10 में जगह बना चुकी हैं। वह मिस नॉर्थ इंडिया प्रतियोगिता में भी हिस्सा ले चुकी हैं।
मिस मिंजर क्वीन प्रतियोगिता में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता ने युवतियों को अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास प्रदर्शित करने का अवसर देने के साथ ही हिमाचली संस्कृति और पारंपरिक परिधानों को भी मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर दिया। खिताब जीतने के बाद नंदनी ने कहा कि चंबा सहित पूरे हिमाचल में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है और युवतियों को आगे बढ़कर ऐसे अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।