25 जून : हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालक-परिचालकों की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए निगम प्रबंधन ने बस सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी हैं। धर्मशाला मंडल में 1500 रुपये प्रतिदिन की दिहाड़ी पर चालक रखने के लिए एक ही दिन में 115 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदकों के ट्रायल लिए जा रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर बसों के संचालन में कोई बाधा न आए।
बुधवार देर शाम तक ट्रायल प्रक्रिया जारी रही, जिसमें विशेषज्ञों की टीम ने अभ्यर्थियों के ड्राइविंग कौशल और अन्य आवश्यक मानकों की जांच की। प्रारंभिक तौर पर धर्मशाला मंडल में 25 से 30 चालकों के चयन की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, खबर लिखे जाने तक शिमला में एचआरटीसी कर्मचारी संगठनों, सरकार और निगम प्रबंधन के बीच लंबित मांगों को लेकर लगातार बैठकों का दौर जारी था। सभी पक्ष हड़ताल से पहले समाधान निकालने की कोशिश में जुटे हुए हैं।
एचआरटीसी धर्मशाला के क्षेत्रीय प्रबंधक साहिल कपूर ने बताया कि योग्य चालकों का चयन ट्रायल के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि चालक यूनियनें बुधवार रात 12 बजे के बाद चक्का जाम करती हैं और नियमित चालक ड्यूटी पर नहीं आते हैं, तो चयनित चालकों के माध्यम से बसों का संचालन किया जाएगा। निगम का प्रयास है कि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और आवश्यक रूटों पर सेवाएं जारी रहें।
उन्होंने बताया कि निगम प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संभावित हड़ताल के प्रभाव को कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
चालक भर्ती के लिए आयोजित साक्षात्कार में विभिन्न इकाइयों से कुल 757 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इनमें चंबा इकाई से सर्वाधिक 239 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि जोगिंद्रनगर इकाई से सबसे कम 35 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक पंकज चड्ढा ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और चयन प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है।