24 जुलाई, तरसेम जरयाल : राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में 5 हिमाचल प्रदेश बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में गुरुवार को अंतर महाविद्यालयीय आइडिया एवं इनोवेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देना था। इसमें क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों की 12 टीमों ने स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास और जनसुरक्षा से जुड़े अभिनव विचार एवं तकनीकी परियोजनाएं प्रस्तुत कीं।
प्रतियोगिता में परियोजनाओं का मूल्यांकन नवीनता, व्यवहारिक उपयोगिता, सामाजिक प्रभाव, तकनीकी गुणवत्ता और प्रस्तुतीकरण के आधार पर किया गया। कार्यक्रम में एक एएनओ, एक जीसीआई, चार पीआई स्टाफ सहित कुल 22 एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे। 
प्रतियोगिता में HIET शाहपुर की कनिका एवं कृतिका की LifeLink Ecosystem परियोजना ने प्रथम स्थान हासिल किया। द्वितीय स्थान CSKHPKV पालमपुर की जन्नत सूद एवं ऐश्वर की Agnicharge परियोजना को मिला। तृतीय स्थान संयुक्त रूप से MCM DAV कॉलेज के पीयूष की Aerocool Shield तथा मेघा की SafePath AEMS परियोजनाओं को प्रदान किया गया। वहीं CSKHPKV की रिचा एवं शावी की Gram Guardian Network परियोजना चौथे स्थान पर रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता 5 हिमाचल प्रदेश बटालियन एनसीसी, धर्मशाला के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल जे.के. जोसेफ ने की। उन्होंने विजेताओं को सम्मानित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं की रचनात्मक क्षमता को नई दिशा देते हैं और उन्हें समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार आधारित सोच विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. रणजीत ठाकुर ने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों और एनसीसी कैडेट्स में नवाचार, अनुसंधान, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उद्यमशीलता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि समस्याओं के व्यावहारिक और नवाचारी समाधान प्रस्तुत करने की क्षमता भी आवश्यक है।
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने कहा कि नवाचार ही विकास की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ शोध, नवाचार और उद्यमिता के लिए भी लगातार प्रोत्साहित कर रहा है।
प्रतियोगिता का समापन पुरस्कार वितरण समारोह और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह, रचनात्मकता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल देखने को मिला।