24 जुलाई: उपमंडलाधिकारी सदर मंडी चन्द्र प्रकाश की अध्यक्षता में बाल विकास परियोजना मंडी-सदर की खंड स्तरीय अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में बाल विकास परियोजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पोषण अभियान, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना तथा बाल विवाह रोकथाम अधिनियम-2006 के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक में मनरेगा के माध्यम से राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के साथ बनाए जा रहे पांच आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए खंड विकास अधिकारी सदर को शेष कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ 2.0 के तहत स्कूलों में छात्राओं के लिए नियमित खेलकूद गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि उनके शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा मिल सके।
उपमंडलाधिकारी ने बाल विकास परियोजना अधिकारी को लड़कियों के लिंग अनुपात में सुधार के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कदम उठाने तथा स्वास्थ्य विभाग को पंचायतों के सहयोग से स्वास्थ्य जांच शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
बाल विकास परियोजना अधिकारी जितेंद्र सैणी ने बताया कि मंडी-सदर परियोजना के तहत 479 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें छह माह से तीन वर्ष तक के 5,299 बच्चे, तीन से छह वर्ष तक के 1,246 बच्चे तथा 2,150 गर्भवती एवं धात्री महिलाएं पंजीकृत हैं, जिन्हें विभिन्न आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है।
बैठक में बेटी है अनमोल, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कृषि विभाग की विषय विशेषज्ञ सुषमा शर्मा, प्रारंभिक खंड चिकित्सा अधिकारी पदमा चंदेल, खंड चिकित्सा अधिकारी रत्ती डॉ. पीयूष वैद्य, खंड चिकित्सा अधिकारी कटौला डॉ. अजय वर्मा, खाद्य आपूर्ति विभाग के क्षेत्र प्रबंधक संजीव वर्मा, पंचायत निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद, जिला चाइल्ड लाइन मंडी के समन्वयक अच्छर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सेवा प्रदाता उपस्थित रहे।