11 जुलाई: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को शिमला स्थित भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में आयोजित ‘वंदे मातरम् की यात्रा’ स्थायी प्रदर्शनी और ‘सरदार पटेल की दृष्टि, एकीकरण, एकात्मता और संघवाद’ विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नवाचार किसी राष्ट्र को समृद्ध बना सकते हैं, लेकिन विचार ही उसे वास्तव में महान बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि देश इस वर्ष ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ और सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मना रहा है। ऐसे अवसर केवल इतिहास को याद करने के लिए नहीं, बल्कि उसकी मूल भावना से दोबारा जुड़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल संघर्ष के समय तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ईमानदारी, उत्कृष्ट कार्य और राष्ट्रीय एकता के माध्यम से हर दिन प्रकट होनी चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता आंदोलन को प्रेरित किया, जबकि सरदार पटेल ने सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर आधुनिक भारत की मजबूत नींव रखी। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित यह स्थायी प्रदर्शनी विशेष रूप से युवाओं को राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रेरित करेगी।
कार्यक्रम में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल केवल भारत के राजनीतिक एकीकरण के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि देश की संघीय व्यवस्था के भी मजबूत समर्थक थे। उन्होंने कहा कि भारत का संघीय ढांचा विविध भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं को संविधान के माध्यम से एक सूत्र में बांधता है, जो देश की एकता की सबसे बड़ी ताकत है।
राज्यपाल ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा रहा है, जबकि सरदार पटेल के दूरदर्शी नेतृत्व ने अखंड और मजबूत भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। इस अवसर पर उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित कॉफी टेबल बुक, ‘दर्शन ऑफ राधाकृष्णन इटरनल एंड टेम्पोरल’ संगोष्ठी की कार्यवाही तथा डॉ. एस. राधाकृष्णन पर आधारित बहुभाषी कविता संग्रह का विमोचन किया। साथ ही प्रसिद्ध शोधकर्ता एवं लेखक अखिलेश झा द्वारा तैयार ‘वंदे मातरम् की यात्रा’ प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम में एचपीयू के कुलपति प्रो. महावीर सिंह, हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना, प्रधान महालेखाकार पुरुषोत्तम तिवारी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।