11 जुलाई: लगातार हो रही बारिश ने हिमाचल प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कुल्लू जिले के आनी उपमंडल में दर्दनाक हादसे में एक बुजुर्ग की जान चली गई, जबकि मंडी, शिमला, सिरमौर और चंबा में भूस्खलन, मलबा गिरने और जलभराव से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आनी-चवाई मार्ग पर ढांक से अचानक चट्टान और पत्थर गिरने की चपेट में आने से शिवराम पुत्र स्वर्गीय गंगा राम निवासी बुआंदा, ग्राम पंचायत बखनाओ की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शिवराम सड़क से गुजर रहे थे, तभी ऊपर से चट्टान और पत्थर गिरने लगे, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही जान चली गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा शव को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी। एसडीएम आनी लक्ष्मण कनेट ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई।
मंडी में लगातार बारिश के कारण मंडी-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनोगी बाजार के समीप पहाड़ी से भारी चट्टानें और मलबा गिर गया। सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है, जबकि पुलिस की निगरानी में छोटे वाहनों को सावधानीपूर्वक निकाला जा रहा है। वहीं शिमला के विकासनगर क्षेत्र में एक भवन के सामने की दीवार गिरने से सड़क किनारे खड़ी दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
सिरमौर जिले में पिछले करीब 40 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। जिले की लगभग 75 ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग, विद्युत बोर्ड समेत अन्य सरकारी विभागों को बीते 24 घंटों में पांच करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब भी चारों ओर से जलमग्न हो गया, जिससे जनजीवन और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
उधर, चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ढकोग के पास पहाड़ी दरकने से भारी चट्टानें और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिससे करीब साढ़े तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में एनएचएआई की टीम ने तीन जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर यातायात बहाल किया। मार्ग बहाली का कार्य साइड इंजीनियर साहिल चंदेल की देखरेख में पूरा किया गया।