10 जुलाई: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा 11 जुलाई को लाहौल एवं स्पीति जिले के केलोंग में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के उच्च हिमालयी चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखेंगे। यह केंद्र आईसीएमआर के मौजूदा फील्ड स्टेशन को उन्नत कर एक आधुनिक बहुविषयक अनुसंधान संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा, जो उच्च हिमालयी और जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी शोध का प्रमुख केंद्र बनेगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों में अधिक ऊंचाई, कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, प्रतिकूल मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण स्वास्थ्य संबंधी विशेष चुनौतियां सामने आती हैं। नया केंद्र इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उच्च हिमालयी शरीर क्रिया विज्ञान, पर्वतीय चिकित्सा, जलवायु परिवर्तन से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं, संक्रामक एवं गैर-संचारी रोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरणीय एवं व्यावसायिक स्वास्थ्य तथा आपदा चिकित्सा जैसे विषयों पर शोध करेगा।
केंद्र में आधुनिक डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत टेलीमेडिसिन, ड्रोन आधारित स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति, डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म और रियल टाइम जन स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
आईसीएमआर का यह केंद्र सीमावर्ती और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य अनुसंधान को नई दिशा देगा। साथ ही यह सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), हिमाचल प्रदेश सरकार तथा देश-विदेश के विभिन्न शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर अनुसंधान और नीति निर्माण में सहयोग करेगा।
11 जुलाई को आयोजित शिलान्यास समारोह के दौरान पारंपरिक भूमि पूजन, हिमालयी क्षेत्र की देशज प्रजातियों के पौधों का रोपण, वैज्ञानिक प्रदर्शनी, केंद्र की वेबसाइट और परिचयात्मक वीडियो का लोकार्पण तथा एक विशेष स्मारक डाक आवरण का विमोचन भी किया जाएगा।