30 जून : राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में तीन दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने के बाद सोमवार को सभी आठ आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने उनकी रिमांड नहीं मांगी, जिसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी।
इस बीच अयोध्या के वकीलों की बैठक में फैसला लिया गया कि चढ़ावा चोरी मामले में कोई भी स्थानीय वकील आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा। बैठक में पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के अयोध्या छोड़ने की मांग भी उठाई गई। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
सोमवार को पुलिस ने मामले में पूर्व पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। पूछताछ के बाद चंपत राय दिल्ली रवाना हो गए।
उधर, मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि मामले पर अवकाश के बाद सुनवाई होगी। अब इस याचिका पर 12 जुलाई के बाद सुनवाई होने की संभावना है।
जांच के तहत पुलिस ने अयोध्या धाम स्थित एसबीआई शाखा से जेल में बंद सात आरोपियों के बैंक खातों का विवरण भी जुटाया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि मंदिर में नौकरी के दौरान उनके खातों में कितना धन जमा हुआ। इस संबंध में बैंक के दो कर्मचारियों को भी नोटिस जारी किया गया है।
वहीं, राम मंदिर ट्रस्ट की पहले 11 जुलाई को प्रस्तावित बैठक अब 6 जुलाई को अयोध्या में आयोजित होगी। सूत्रों के अनुसार, बैठक का स्थान भी बदलकर कारसेवक पुरम किया जा सकता है।
फैजाबाद एडवोकेट्स एसोसिएशन और अयोध्या बार एसोसिएशन ने भी आरोपियों की पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि यदि कोई वकील आरोपियों का पक्ष रखता है तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तथा मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की जाएगी।