26 जून : हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक नगर बद्दी ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। देश की अग्रणी सोलर सेल निर्माता कंपनी जुपिटर इंटरनेशनल लिमिटेड ने अपने बद्दी स्थित विनिर्माण परिसर में 1.25 गीगावॉट क्षमता वाली अत्याधुनिक टनल ऑक्साइड पैसिवेटेड कॉन्टैक्ट (टॉपकॉन) सौर सेल निर्माण इकाई (यूनिट-4) का शुभारंभ किया है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन-अर्चन के साथ नई उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया गया, जिसके बाद अत्याधुनिक मशीनों की परीक्षण एवं ट्रायल प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। कंपनी का लक्ष्य अगले एक से डेढ़ माह के भीतर सभी तकनीकी परीक्षण पूरे कर व्यावसायिक उत्पादन आरंभ करना है।
नई यूनिट के शुरू होने से कंपनी की उच्च दक्षता वाली अगली पीढ़ी की सौर सेल निर्माण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वर्तमान में इंजीनियर मशीनों की कैलिब्रेशन, उत्पादन प्रक्रिया और गुणवत्ता मानकों की जांच में जुटे हैं, ताकि व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने से पहले सभी तकनीकी प्रक्रियाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जा सकें।
टॉपकॉन तकनीक को वर्तमान समय में सौर सेल निर्माण की सबसे उन्नत तकनीकों में गिना जाता है। यह पारंपरिक तकनीकों की तुलना में अधिक ऊर्जा दक्षता, बेहतर विद्युत उत्पादन और लंबे समय तक विश्वसनीय प्रदर्शन प्रदान करती है। वैश्विक स्तर पर उच्च दक्षता वाले सौर उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी का यह विस्तार रणनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है।
कंपनी ने इसी वर्ष बद्दी परिसर में अपनी तीसरी सौर सेल निर्माण इकाई शुरू कर एक गीगावॉट मोनो पीईआरसी उत्पादन क्षमता जोड़ी थी। अब यूनिट-4 के जुड़ने से उत्पादन क्षमता के साथ-साथ अत्याधुनिक सौर प्रौद्योगिकी आधारित विनिर्माण को भी नई मजबूती मिलेगी।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ध्रुव शर्मा ने कहा कि बद्दी स्थित यूनिट-4 उनकी तकनीकी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनके अनुसार 1.25 गीगावॉट टॉपकॉन क्षमता कंपनी को अगली पीढ़ी की सौर सेल तकनीक को बड़े स्तर पर विकसित करने में सक्षम बनाएगी और दक्षता व दीर्घकालिक प्रदर्शन के नए मानक स्थापित करेगी। उन्होंने बताया कि कंपनी विनिर्माण उत्कृष्टता, पर्यावरणीय स्थिरता और उच्च कौशल आधारित रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी दिशा में वर्ष के अंत तक नागपुर में तीन गीगावॉट क्षमता वाली उन्नत टॉपकॉन प्लस-प्लस सौर सेल निर्माण इकाई स्थापित करने की तैयारी भी तेज़ी से चल रही है।
कंपनी के अनुसार यूनिट-4 को गुणवत्ता और स्थिरता को केंद्र में रखकर विकसित किया गया है। इसमें आधुनिक स्वचालित उत्पादन प्रणाली, उन्नत प्रक्रिया नियंत्रण और नवीनतम तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता और विश्वसनीयता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
इस विस्तार से बद्दी औद्योगिक क्षेत्र में हरित रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उत्पादन, प्रक्रिया अभियांत्रिकी, स्वचालन, गुणवत्ता नियंत्रण, रखरखाव तथा पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध होंगे। साथ ही स्थानीय युवाओं को आधुनिक सौर विनिर्माण तकनीकों में दक्ष बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि जुपिटर इंटरनेशनल का यह निवेश बद्दी को देश के उभरते सौर विनिर्माण केंद्र के रूप में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा आधारित औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही यह भारत के आत्मनिर्भर सौर विनिर्माण अभियान और हरित ऊर्जा के राष्ट्रीय लक्ष्यों को भी नई गति प्रदान करेगा।