15 जून : मिड-डे मील वर्कर यूनियन ब्लॉक चुवाड़ी की बैठक रविवार को यूनियन प्रधान मीना देवी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सीटू की जिला महासचिव सुदेश ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहीं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 22 जून को शिमला में आयोजित होने वाली राज्यस्तरीय रैली में क्षेत्र के सभी मिड-डे मील वर्कर भाग लेंगे।
बैठक में केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताते हुए कहा गया कि मिड-डे मील वर्करों की लंबे समय से उपेक्षा की जा रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद राज्य सरकार द्वारा मिड-डे मील वर्करों को 12 माह का वेतन देने के मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाकर लंबित रखने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों को न्याय मिलने में देरी हो रही है।
यूनियन नेताओं ने घोषणा की कि अपनी मांगों के समर्थन में 22 जून को मिड-डे मील वर्कर स्कूलों में भोजन तैयार नहीं करेंगे और बड़ी संख्या में शिमला पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। बैठक में मांग उठाई गई कि हरियाणा की तर्ज पर 7,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाए, हाईकोर्ट के आदेशानुसार 12 माह का वेतन सुनिश्चित किया जाए तथा ग्रेच्युटी, कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, ईपीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाओं के दायरे में शामिल किया जाए।
इसके अलावा नौकरी से जुड़ी 25 बच्चों की शर्त समाप्त करने, केंद्रीय किचन क्लस्टर योजना, ठेकेदारी व्यवस्था और एनजीओ को कार्य सौंपने के निर्णय को वापस लेने, हर माह की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने तथा बंद या विलय किए जा रहे स्कूलों के मिड-डे मील वर्करों को अन्य विद्यालयों में समायोजित करने की मांग भी उठाई गई।