15 जून : शिमला में आज 10वीं मेगा मॉक एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी, जिसके तहत भूकंप, बादल फटने और जंगल में आग जैसी आपदा परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों की तैयारियों का परीक्षण किया जाएगा। इस संबंध में रविवार को जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष अनुपम कश्यप ने की।
उपायुक्त ने बताया कि मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं की समीक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और मानक संचालन प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करना है। साथ ही विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
मेगा मॉक एक्सरसाइज दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला सत्र सुबह 9 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक और दूसरा सत्र शाम 6 बजे से रात 9:30 बजे तक चलेगा। बादल फटने की स्थिति को लेकर रामपुर और सुन्नी में अभ्यास किया जाएगा, जबकि जंगल में आग लगने की स्थिति पर तारा देवी क्षेत्र में मॉकड्रिल होगी।
भूकंप से संबंधित मॉक एक्सरसाइज रोहडू, ठियोग, कोटखाई, चौपाल, जुब्बल, कुमारसैन, डोडरा-क्वार, कुपवी और शिमला शहरी क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में आयोजित की जाएगी। इस दौरान राहत एवं बचाव कार्यों, आपातकालीन संचार व्यवस्था और विभागीय समन्वय की भी जांच की जाएगी।
अनुपम कश्यप ने कहा कि मॉक एक्सरसाइज के दौरान सामने आने वाली कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावी ढंग से राहत और बचाव कार्य किए जा सकें। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को एक्सरसाइज की रिपोर्ट समय पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।