28 जून को कांगड़ा में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, 1.01 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी दवा

11 जून : जिला कांगड़ा में 28 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1,01,366 से अधिक बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की तैयारियों को लेकर एडीसी विनय कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में बताया गया कि 28 जून को जिले भर में बूथ स्तर पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी, जबकि 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बच्चों को खुराक देंगी। अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में 1069 बूथ, 21 ट्रांजिट प्वाइंट और 190 हाई रिस्क स्थलों पर 2138 टीमें तैनात की जाएंगी। इसके लिए 4276 वैक्सीनेटर और 212 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।

एडीसी विनय कुमार ने कहा कि पोलियो उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पुलिस, परिवहन, विद्युत, पंचायती राज और उद्योग विभाग सहित स्वयंसेवी संस्थाओं को सक्रिय सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को पोलियो की खुराक से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा, विशेषकर प्रवासी परिवारों, निर्माण स्थलों और ईंट-भट्टों में रहने वाले बच्चों तक विशेष रूप से पहुंच बनाई जाएगी।

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉ. विवेक करोल ने बताया कि भारत वर्ष 2014 से पोलियो मुक्त है, लेकिन पड़ोसी देशों में अब भी पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में नियमित टीकाकरण के साथ राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान अतिरिक्त खुराक देना जरूरी है, ताकि देश की पोलियो मुक्त स्थिति बरकरार रखी जा सके।

बैठक के दौरान ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। एडीसी ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अभियान को गति देने और पात्र बालिकाओं तक टीकाकरण की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 14 वर्ष आयु वर्ग की 8,453 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिनमें से अब तक 2,249 बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। डॉ. विवेक करोल ने बताया कि एचपीवी की सिंगल डोज वैक्सीन 93 से 100 प्रतिशत तक प्रभावी पाई गई है। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों में यह टीकाकरण 5 से 10 हजार रुपये तक का होता है, जबकि सरकारी संस्थानों में इसे पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

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