10 जून पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा के हृदय रोग विभाग (कार्डियोलॉजी) में चिकित्सकों की कमी और सेवाओं के प्रभावित होने को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों को कमजोर करना मरीजों के हित में नहीं है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि हृदय रोग विभाग प्रदेश के हजारों मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां गंभीर हृदय संबंधी बीमारियों का उपचार किया जाता है। ऐसे विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर को अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद विभाग में चिकित्सकों की कमी पैदा हो गई है। उनका कहना है कि एक चिकित्सक मेडिकल अवकाश पर हैं, जबकि दूसरे चिकित्सक विदेशी फेलोशिप पर गए हुए हैं, जिससे कार्डियोलॉजी विभाग की सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि टांडा मेडिकल कॉलेज प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले मरीजों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है। यदि यहां विशेषज्ञ सेवाएं प्रभावित होती हैं तो मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ सकता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
जयराम ठाकुर ने हिम केयर योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए, ताकि आम लोगों को बेहतर और सुलभ उपचार मिल सके।
उन्होंने प्रदेश सरकार से टांडा मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग में आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित करने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की।
मंगलवार को जयराम ठाकुर से उनके गृह विधानसभा क्षेत्र सराज की ग्राम पंचायत चिऊणी और खबलेच की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के सदस्यों ने भी मुलाकात की।