8 जून: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि पंचायतें गांवों की असली ताकत हैं और प्रदेश सरकार उन्हें सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। रविवार को नारकंडा में निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास, स्थानीय चुनौतियों और पंचायतों की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की।
नारकंडा दौरे के दौरान हाटू माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने बताया कि ढली-नारकंडा-रामपुर सड़क को फोरलेन बनाने के प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ सकारात्मक चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि परियोजना को सर्वे में शामिल किया जा चुका है और इसमें सुरंग निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे भूस्खलन जैसी प्राकृतिक समस्याओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा तथा लोगों को सुरक्षित और बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाटू माता रोपवे परियोजना को साकार करने की दिशा में सरकार सक्रियता से कार्य कर रही है। इस परियोजना को नाबार्ड के तहत प्रस्तावित किया गया है और इसे पूरा होने में तीन से चार वर्ष का समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि हाटू माता सड़क के सुधार के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है तथा कार्य के दौरान पेड़ों की कटाई को न्यूनतम रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने निर्विरोध चुनी गई नारकंडा नगर पंचायत के लिए 50 लाख रुपये की विशेष सहायता राशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इस धनराशि से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नारकंडा में पौधारोपण भी किया। इस मौके पर विधायक कुलदीप राठौर, विधायक कमलेश ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे