शुद्ध मतदाता सूची से ही मजबूत होगा लोकतंत्र, धर्मशाला में बोले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार

6 जून: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने धर्मशाला में कहा कि शुद्ध और त्रुटिरहित मतदाता सूची ही पारदर्शी एवं निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में अनुपस्थित, डुप्लिकेट, मृत, विदेशी अथवा अपात्र व्यक्तियों का कोई स्थान नहीं होना चाहिए, जबकि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में अवश्य शामिल होना चाहिए।

ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो। उन्होंने देश और हिमाचल प्रदेश के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए अपील की कि चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है और सभी नागरिकों को मतदान में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि वे चुनावी व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश पहुंचे हैं। इस दौरान उन्हें राज्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला प्रशासन, एसडीएम तथा बूथ स्तर के अधिकारियों के साथ संवाद का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के बूथ लेवल अधिकारियों की चुनावी प्रक्रिया संबंधी जानकारी और कार्यप्रणाली से वे बेहद प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला उपायुक्तों और उपमंडल अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि चुनावी व्यवस्था को मजबूत बनाने में सभी अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ज्ञानेश कुमार ने बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) और उनके पर्यवेक्षकों को चुनावी प्रक्रिया की वास्तविक आधारशिला बताते हुए उनके कार्यों की प्रशंसा की।

बैठक में हिमाचल प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी नंदिता गुप्ता सहित राज्य और जिला स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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