6 जून: सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस अन्वेषण कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) को अंडमान द्वीप समूह के पास समुद्र में प्राकृतिक गैस का नया भंडार मिला है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसकी जानकारी साझा करते हुए इसे देश की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
मंत्री ने बताया कि ऑयल इंडिया द्वारा अंडमान द्वीप समूह के पूर्वी तट से करीब 15 किलोमीटर दूर समुद्र में स्थित श्री विजयपुरम-3 कुएं में प्राकृतिक गैस की मौजूदगी दर्ज की गई है। यह कुआं समुद्र में लगभग 355 मीटर गहराई वाले क्षेत्र में स्थित है। प्रारंभिक परीक्षणों के दौरान 1,900 मीटर से अधिक गहराई पर प्राकृतिक गैस की उपस्थिति की पुष्टि हुई है।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह खोज अंडमान सागर में ऊर्जा संभावनाओं के नए द्वार खोलने वाली है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए ऑयल इंडिया की टीम को बधाई देते हुए कहा कि देश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि कंपनी फिलहाल गैस के नमूने एकत्र कर उसकी गुणवत्ता, संरचना और ऊष्मीय क्षमता का आकलन कर रही है। साथ ही वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से गैस की उत्पत्ति और भंडार की संभावनाओं का भी परीक्षण किया जाएगा।
केंद्र सरकार के ‘समुद्र मंथन मिशन’ के तहत अपतटीय क्षेत्रों में हाइड्रोकार्बन संसाधनों की खोज को गति दी जा रही है। अंडमान बेसिन में चल रहे अन्वेषण अभियान के दौरान ऑयल इंडिया द्वारा खोदे गए तीन कुओं में से दो में हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री ने इसे अमृत काल में भारत की ऊर्जा यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।