सेवारत शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट से राहत, TET पास करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2028 तक बढ़ी

5 जून: सुप्रीम कोर्ट ने सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण करना अनिवार्य बताते हुए उन्हें बड़ी राहत दी है। अदालत ने TET पास करने की समय सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है। इससे पहले यह समय सीमा 31 अगस्त 2027 निर्धारित की गई थी।

न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने विभिन्न राज्य सरकारों, शिक्षक संगठनों और व्यक्तिगत शिक्षकों द्वारा दायर 65 से अधिक पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाओं में वर्ष 2025 के उस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की गई थी, जिसमें आरटीई अधिनियम, 2009 लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को निर्धारित अवधि के भीतर TET उत्तीर्ण करने का निर्देश दिया गया था।

अदालत ने कहा कि सेवारत शिक्षकों को भी कानून के तहत निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यताएं प्राप्त करनी होंगी। केवल इस आधार पर छूट नहीं दी जा सकती कि बड़ी संख्या में शिक्षकों की नौकरी प्रभावित हो सकती है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है और बिना TET योग्यता वाले शिक्षकों को अनिश्चितकाल तक सेवा में नहीं रखा जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि TET परीक्षाओं का नियमित आयोजन किया जाए, ताकि शिक्षकों को परीक्षा पास करने के पर्याप्त अवसर मिल सकें। अदालत ने सुझाव दिया कि परीक्षाएं वर्ष में दो बार, लगभग छह महीने के अंतराल पर आयोजित की जाएं।

हालांकि, न्यायालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि 31 अगस्त 2028 के बाद समय सीमा में किसी प्रकार का और विस्तार नहीं दिया जाएगा। सभी पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज करते हुए अदालत ने अपने पूर्व निर्णय को बरकरार रखा है।

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