4 जून: हिमाचल प्रदेश में ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन अवकाश वाले स्कूलों में बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर सभी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं अब एक साथ दिसंबर माह में आयोजित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और सरकार सभी संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा करेगी।
शिक्षा में सुधारों को लेकर बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने परीक्षाओं के आयोजन और शैक्षणिक कैलेंडर में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए। सरकार का मानना है कि पूरे प्रदेश में एक समान परीक्षा प्रणाली लागू होने से शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
बैठक में शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में प्रदेश के 146 सरकारी विद्यालयों को सीबीएसई संबद्धता प्राप्त हो चुकी है और भविष्य में अधिक विद्यालयों को सीबीएसई पाठ्यक्रम से जोड़ा जाएगा। उन्होंने डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना की भी समीक्षा की।
बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण करने के निर्देश देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि लगातार खराब परिणाम देने वाले शिक्षकों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक होने पर उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि भी रोकी जा सकती है। इसके साथ ही स्कूलों में बायोमैट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य बनाने तथा नियमों की अनदेखी होने पर वेतन कटौती जैसे कदमों पर भी जोर दिया गया।
विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए विभाग को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली अपनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र छात्र अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार उपकरण खरीद सकें। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि उपलब्ध करवाई गई राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही हो।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि विभिन्न श्रेणियों के 1131 एसएमसी शिक्षकों की नियुक्तियां एलडीआर के माध्यम से की जा चुकी हैं। इसके अलावा 714 पीजीटी और 102 डीपीई पदों के लिए एलडीआर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। कंप्यूटर शिक्षकों से जुड़े मामलों में आवश्यक नियम संशोधन भी किए जाएंगे।