3 जून: अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों और अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ संभावित व्यापारिक कार्रवाई का प्रस्ताव रखा है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने दावा किया है कि इन देशों द्वारा कथित तौर पर जबरन श्रम (Forced Labour) से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, जिससे अमेरिकी व्यापार और उद्योग प्रभावित हो रहे हैं।
यूएसटीआर ने 1974 के अमेरिकी व्यापार कानून की धारा 301 के तहत की गई जांच के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित सूची में भारत के अलावा चीन, बांग्लादेश, जापान, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कई अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं।
अमेरिकी एजेंसी ने सुझाव दिया है कि संबंधित देशों से आने वाले कुछ उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाया जा सकता है। प्रस्ताव के अनुसार, कुछ देशों पर 10 प्रतिशत और अन्य पर 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि अभी इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
यूएसटीआर के अनुसार मार्च 2026 में शुरू हुई जांच के दौरान दर्जनों गवाहों के बयान और सैकड़ों सार्वजनिक टिप्पणियों का अध्ययन किया गया। इसके आधार पर एजेंसी ने निष्कर्ष निकाला कि कुछ देशों की नीतियां अमेरिकी व्यापारिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और अमेरिका वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है।
यूएसटीआर ने प्रस्तावित उपायों पर 6 जुलाई तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद सार्वजनिक सुनवाई होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल अतिरिक्त टैरिफ लागू नहीं किए गए हैं और अंतिम फैसला अमेरिकी प्रशासन द्वारा आगे की समीक्षा के बाद लिया जाएगा।