29 मई : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग को राज्यभर में राजीव गांधी सरकारी मॉडल डे बोर्डिंग स्कूलों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक आधुनिक डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित करना है, ताकि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिल सकें।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार, इन स्कूलों में प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई होगी। साथ ही स्मार्ट क्लासरूम, खेल मैदान, इंडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल और अन्य आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। कांग्रेस सरकार बनने के बाद शिक्षा व्यवस्था में कई बड़े सुधार शुरू किए गए हैं। प्रशासनिक और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा के अलग-अलग निदेशालय बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। शिक्षकों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली सीखने के लिए विदेश भेजा जा रहा है, जबकि मेधावी छात्रों को भी शैक्षणिक टूर पर विदेश भेजने की योजना चलाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके अलावा प्रदेश के 156 स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम से जोड़ा जा रहा है। इन संस्थानों में कला, विज्ञान और वाणिज्य विषयों की पढ़ाई भी शुरू की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की पीजीआई 2.0 रिपोर्ट में हिमाचल प्रदेश ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में देशभर में छठा स्थान हासिल किया है। वहीं राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2025 में भी प्रदेश ने 2021 के 21वें स्थान से छलांग लगाकर देश के शीर्ष पांच राज्यों में जगह बनाई है।