29 मई: ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत थिल्ल में पंचायत चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया और मतगणना को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ग्रामीणों ने एसडीएम ज्वालामुखी के माध्यम से चुनाव आयोग को शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में मतदान प्रक्रिया दोपहर करीब 3:25 बजे समाप्त हो गई थी। पंचायत के पांच वार्डों में से चार वार्डों की मतपेटियां करीब चार बजे तक पंचायतघर पहुंच गईं, लेकिन वार्ड नंबर एक की मतपेटी करीब अढ़ाई घंटे की देरी से पहुंची। खास बात यह है कि मतदान केंद्र से पंचायतघर की दूरी मात्र 80 मीटर बताई जा रही है।
लोगों के अनुसार जब इस संबंध में एआरओ से शिकायत की गई तो उन्होंने बताया कि सीलिंग प्रक्रिया पूरी की जा रही है और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी नए होने के कारण उन्हें चुनावी सीलिंग की पूरी जानकारी नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि विरोध बढ़ने के बाद एआरओ ने फोन कर कुछ ही मिनटों में मतपेटी मंगवाई, जिसे बिना उचित सीलिंग और बिना किसी कवर के पंचायतघर पहुंचाया गया। आरोप है कि मतपेटी को बिना पुलिस सुरक्षा के एक व्यक्ति के कंधे पर लाया गया, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी ग्रामीणों के पास मौजूद है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वार्ड नंबर चार में प्रधान पद की प्रत्याशी मनभरी के सगे भाई की चुनाव ड्यूटी लगाई गई थी। ग्रामीणों ने मतदान और मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदान समाप्त होने के बाद कुल 921 वोट डाले जाने की जानकारी दी गई थी, जबकि मतगणना के दौरान कुल वोटों की संख्या 928 बताई गई।
इसके अलावा ग्रामीणों ने प्रधान पद के रिजेक्ट वोटों की गिनती पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्रत्याशी मनभरी के रिजेक्ट वोट भी उसकी कुल मतगणना में जोड़ दिए गए।