20 मई:सोलन जिले में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग और डॉ. वाईएस परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय द्वारा जारी मौसम आधारित कृषि परामर्श के अनुसार जिले में आगामी दिनों तक गर्म और शुष्क मौसम बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 21 मई तक जिले के कुछ क्षेत्रों में लू चलने की चेतावनी जारी की है, जबकि 22 मई को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने के आसार जताए गए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों में जिले का अधिकतम तापमान 30 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। तेज धूप और कम नमी के कारण खेतों की मिट्टी तेजी से सूख सकती है, जिससे फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
इसी को देखते हुए किसानों को सिंचाई और फसल प्रबंधन में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि फसलों की सिंचाई सुबह या शाम के समय की जाए, ताकि पानी की बर्बादी कम हो। खेतों और पौधों के आसपास सूखी घास की मल्च बिछाने, नियमित निराई-गुड़ाई करने और साफ मौसम के दौरान ही पौध संरक्षण उपाय अपनाने की सलाह भी दी गई है।
बागवानी फसलों पर भी गर्मी का असर पड़ने की संभावना जताई गई है। टमाटर की फसल में अधिक तापमान के कारण लीफ कर्ल रोग बढ़ सकता है। किसानों को पौधों को सहारा देने, खेत में नमी बनाए रखने और रोगों की निगरानी करने की सलाह दी गई है। वहीं प्याज और लहसुन की फसल तैयार होने पर समय रहते कटाई कर उसे हवादार स्थान पर सुरक्षित रखने को कहा गया है। कद्दू वर्गीय फसलों में कीट और रोगों की रोकथाम के लिए नियमित निरीक्षण की भी सलाह जारी की गई है।
बढ़ती गर्मी और सूखे मौसम के चलते जंगलों में आग लगने का खतरा भी बढ़ गया है। वन विभाग ने लोगों से जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में जलती वस्तुएं न फेंकने और चीड़ की सूखी पत्तियों या अन्य ज्वलनशील सामग्री में आग न लगाने की अपील की है। विभाग का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी वन संपदा और वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।