20 मई: भारत और वियतनाम ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता, सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को वियतनाम की राजधानी हनोई में उप प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी की समीक्षा करते हुए समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, सैन्य प्रशिक्षण और क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। दोनों देशों ने सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, क्षमता निर्माण, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों, साइबर सुरक्षा और उच्च स्तरीय आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के जनरल सेक्रेटरी और राष्ट्रपति तो लाम से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने को लेकर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति तो लाम से मिलकर उन्हें सम्मान की अनुभूति हुई।
बैठक के दौरान भारत के मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग और वियतनाम की टेलीकम्युनिकेशंस यूनिवर्सिटी के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान भी किया गया। इसे भारत-वियतनाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के न्हा ट्रांग स्थित दूरसंचार विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला स्थापित करने की घोषणा की। दोनों रक्षा मंत्रियों ने वियतनाम के वायुसेना अधिकारी महाविद्यालय में भारतीय सहायता से स्थापित भाषा प्रयोगशाला का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।