19 मई: हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त और स्वस्थ राज्य बनाने की दिशा में सरकार और शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए 14 जून तक तंबाकू मुक्त संस्थान का प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में सभी जिलों के माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
यह अभियान आगामी World No Tobacco Day 2026 के तहत पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। सरकार ने साफ किया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी शिक्षण संस्थानों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
अधिसूचना के अनुसार स्कूलों को “टोबैको-फ्री एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन” की गाइडलाइंस के तहत पहले स्व-मूल्यांकन करना होगा। इसके लिए नौ मानक तय किए गए हैं। इन मानकों को पूरा करने के बाद संबंधित ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर से सत्यापन करवाना होगा, जिसके बाद ही स्कूलों को तंबाकू मुक्त संस्थान का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत सभी स्कूलों के भीतर और मुख्य द्वार पर तंबाकू मुक्त क्षेत्र से संबंधित बोर्ड और साइनबोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। इन बोर्डों पर जिम्मेदार अधिकारी का नाम, पद और संपर्क नंबर भी लिखना होगा। इसके अलावा स्कूल परिसर में सिगरेट, बीड़ी, गुटखा, पान मसाला, तंबाकू उत्पाद या थूकने के निशान मिलने पर संस्था प्रमुख की जवाबदेही तय की जाएगी।