13 मई: सामरिक दृष्टि से बेहद महत्त्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग को मंगलवार को बहाल कर दिया गया। दुनिया के सबसे रोमांचक मार्गों में शामिल इस सड़क को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने कड़ी मेहनत और कठिन परिस्थितियों के बीच दोबारा यातायात के लिए तैयार किया।
मनाली-लेह मार्ग की बहाली का कार्य 27 मार्च से शुरू किया गया था। करीब 427 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को 42 दिनों तक चले बर्फ हटाओ अभियान के बाद दोबारा खोल दिया गया। मार्ग बहाल होने से लेह-लद्दाख क्षेत्र एक बार फिर मनाली से जुड़ गया है।
मंगलवार को सरचू में बीआरओ की दीपक और हिमांक परियोजना के अधिकारियों ने एक-दूसरे का स्वागत कर इस सफलता का जश्न मनाया। दीपक परियोजना 38 कृतिक बल के कमांडर कर्नल गौरव बंगारी और हिमांक परियोजना 753 कृतिक बल के कमांडर कर्नल सारत ने हरी झंडी दिखाकर मार्ग बहाली की औपचारिक घोषणा की।
कर्नल गौरव बंगारी ने बताया कि यह अभियान बेहद कठिन उच्च हिमालयी परिस्थितियों में चलाया गया। कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल तेजस मौर्य और कैप्टन सजे की देखरेख में टीमों ने लगातार काम करते हुए राजमार्ग को यातायात योग्य बनाया। मार्ग को डबल लेन मानकों के अनुरूप साफ और चौड़ा भी किया गया।
उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर 26 एवलांच जोन हैं, जहां कई बार बर्फ खिसकने के कारण टीमों को पीछे लौटना पड़ा। इसके बावजूद बीआरओ के जवानों ने पूरी रणनीति और सुरक्षा के साथ अभियान जारी रखा और आखिरकार सड़क को बहाल करने में सफलता हासिल की।
अब प्रशासन के साथ बैठक के बाद सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही शुरू की जाएगी।