11 सितंबर: राजकीय बहुतकनीकी महाविद्यालय हमीरपुर की एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक शुक्रवार को महाविद्यालय के सम्मेलन हॉल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रधानाचार्य चंद्रशेखर ने की। इसमें कमेटी के सदस्यों, विभिन्न विभागाध्यक्षों, फैकल्टी सदस्यों, छात्र प्रतिनिधियों, अभिभावकों तथा हॉस्टल और पीजी संचालकों ने भाग लिया।
प्रधानाचार्य चंद्रशेखर ने कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग रोकने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान किए गए हैं। रैगिंग को गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इसके दोषी विद्यार्थी को तीन वर्ष तक के कारावास और 50 हजार रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। इसके अलावा दोषी विद्यार्थी को संस्थान से निष्कासित भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय और हॉस्टल परिसर के साथ-साथ पीजी तथा आसपास के क्षेत्रों में विद्यार्थियों को किसी भी तरह से शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाली गतिविधियां रैगिंग की श्रेणी में आती हैं। ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए महाविद्यालय परिसर, हॉस्टल, पीजी और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
महाविद्यालय में एंटी रैगिंग कमेटी के साथ एंटी रैगिंग दस्तों का भी गठन किया गया है। संस्थान, हॉस्टल और आसपास के महत्वपूर्ण स्थानों पर हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किए गए हैं। प्रधानाचार्य ने छात्र प्रतिनिधियों से अपील की कि वे अपनी-अपनी कक्षाओं में विद्यार्थियों को रैगिंग रोधी कानून के प्रावधानों के बारे में जागरूक करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत एंटी रैगिंग कमेटी या दस्ते के सदस्यों को दें।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष नए विद्यार्थियों को भी रैगिंग जैसी गतिविधियों के प्रति जागरूक किया गया है। उन्होंने कहा कि एंटी रैगिंग कमेटी, फैकल्टी सदस्यों और छात्र प्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों से ही महाविद्यालय और इसके आसपास के परिसर को पूरी तरह रैगिंग मुक्त बनाया जा सकता है।
बैठक में हमीरपुर थाने के एएसआई प्रदीप कुमार और कमेटी के अन्य सदस्यों ने भी रैगिंग रोधी अधिनियम 2009 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।