11 सितम्बर: हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू), शिमला से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को अपने संसाधन स्वयं सृजित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं और छात्रों के लिए छात्रावासों के निर्माण में सहयोग देने की बात कही। छात्राओं के छात्रावास की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंटीले तारों की बाड़ लगाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने परिसर में कम वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए नया ट्रांसफॉर्मर स्थापित करने और छात्रावास के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन विद्युत लाइन को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में ओवरहेड विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। इसके अलावा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए उपयुक्त स्थल चिह्नित करने तथा पेयजल की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
बैठक में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. प्रीति सक्सेना, महाधिवक्ता अनूप रतन सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।