26 अगस्त: कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार की जद में आने वाले गगल के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रदेश सरकार ने उन्हें उचित मुआवजे के साथ पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आरएंडआर) का लाभ देने का आश्वासन दिया है। उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों को उनका पूरा हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पठानिया ने बताया कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में सरकार की ओर से जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि गगल के करीब 60 से 70 प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजे के साथ आरएंडआर का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गगल के कई परिवार लंबे समय से सरकारी अथवा पंचायत द्वारा देय भूमि पर रह रहे हैं। एयरपोर्ट विस्तार के कारण इन परिवारों के सामने विस्थापन की स्थिति उत्पन्न हुई है, जबकि अभी तक उन्हें मुआवजे और पुनर्वास का लाभ नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार प्रदेश के विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना है और इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। अधिकांश प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है, जबकि गगल क्षेत्र एयरपोर्ट विस्तार से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले इलाकों में शामिल है।
केवल सिंह पठानिया ने कहा कि प्रभावित परिवार दशकों से गगल में रह रहे हैं और क्षेत्र की सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों का हिस्सा रहे हैं। विकास परियोजनाओं के कारण प्रभावित किसी भी परिवार को असहाय नहीं छोड़ा जा सकता। सरकार का दायित्व है कि प्रभावितों को कानून एवं नियमों के तहत उनका अधिकार मिले।
उन्होंने कहा कि शेष प्रभावित परिवारों की समस्याओं को भी सरकार संवेदनशीलता के साथ देख रही है। सदन में सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन से इन परिवारों को अपने भविष्य को लेकर राहत मिली है। सरकार पात्र परिवारों को मुआवजे के साथ पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।