19 अगस्त: डिजिटल दौर में बच्चों को पुस्तकों से जोड़ने और विद्यालयों में पठन संस्कृति को मजबूत करने के उद्देश्य से ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ थीम पर आधारित पठन अभियान का शुभारंभ डाइट कांगड़ा, धर्मशाला में किया गया। अभियान की शुरुआत उप निदेशक शिक्षा गुणवत्ता एवं जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा कांगड़ा ने की।
कार्यक्रम में रूम टू रीड इंडिया ट्रस्ट के राज्य समन्वयक विपिन काठियाल ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने विद्यालयी पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग और बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने को लेकर मार्गदर्शन दिया। डाइट प्रधानाचार्या निशा कटोच ने प्रशिक्षणार्थियों से स्वयं नियमित पठन की आदत अपनाने और भविष्य में बच्चों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पुस्तकालय बच्चों की कल्पनाशक्ति, भाषा कौशल, रचनात्मकता, चिंतन और अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे अभियानों के माध्यम से बच्चों में किताबों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ सीखने को आनंददायक बनाया जा सकता है।
जिला पुस्तकालय समन्वयक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि अभियान को जिला कांगड़ा के 23 शैक्षिक खंडों के प्राथमिक विद्यालयों में चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। इसके तहत बच्चों को नियमित पठन, रचनात्मक लेखन, चिंतन और अभिव्यक्ति के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि अभियान की गतिविधियों की जिला स्तर पर नियमित निगरानी की जाएगी और इसकी प्रगति का संकलन भी किया जाएगा। प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में पुस्तकालय को बच्चों के लिए आकर्षक और प्रिय स्थान बनाने तथा पठन को आनंददायक गतिविधि के साथ जीवनभर सीखने की संस्कृति का हिस्सा बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।