4 अगस्त: स्कूलों को आपदा के प्रति सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र, छेब में तीन दिवसीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रशिक्षण का मुख्य विषय स्कूलों की सुरक्षा ऑडिट एवं गैर-संरचनात्मक आकलन है।
कार्यक्रम में कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना और चंबा जिलों के कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता, तकनीकी सहायक और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्कूलों में आपदा जोखिम को कम करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों की क्षमता बढ़ाना है।
यह प्रशिक्षण संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा कार्यान्वित परियोजना ‘हिमाचल प्रदेश में आपदा जोखिम प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ बनाना’ के स्कूल सुरक्षा घटक के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसका आयोजन हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMAs) के सहयोग से किया गया है।
उद्घाटन सत्र में क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र, छेब की प्राचार्य दीपाली शर्मा मौजूद रहीं। इस दौरान UNDP के राज्य परियोजना अधिकारी अमित तुतेजा ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में स्कूलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे प्रशिक्षणों से मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले अधिकारियों की क्षमता बढ़ेगी और आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में UNDP की ओर से पारस उपाध्याय, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कांगड़ा की ओर से कुलदीप सिंह सहित करीब 40 प्रतिभागी उपस्थित रहे।