भोली–गसौड़ सड़क की बदहाली से 15 हजार लोग परेशान, 3 अगस्त को जिला मुख्यालय में होगा धरना

31 जुलाई , अभिषेक मिश्रा : दावीं घाटी की सात पंचायतों को जोड़ने वाली भोली–गसौड़ संपर्क सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। वर्षों से सड़क के पक्के निर्माण और मरम्मत की मांग कर रहे ग्रामीणों ने अब आंदोलन का निर्णय लिया है। संघर्ष समिति ने 3 अगस्त को जिला मुख्यालय में विशाल धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

संघर्ष समिति के अध्यक्ष सीता राम ठाकुर ने बताया कि सड़क की दयनीय स्थिति को लेकर ग्रामीण कई बार जिलाधीश के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार की कथित उदासीनता के चलते लोगों में भारी रोष है।

उन्होंने बताया कि करीब 35 वर्ष पहले सात पंचायतों को जोड़ने के लिए इस मार्ग का निर्माण कच्ची सड़क के रूप में किया गया था। सड़क को पक्का करवाने के लिए ग्रामीणों ने लंबे समय तक संघर्ष किया। लोगों ने सड़क निर्माण के लिए अपनी निजी भूमि भी स्वेच्छा से लोक निर्माण विभाग के नाम हस्तांतरित कर दी और विभागीय औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बावजूद सड़क का स्थायी निर्माण नहीं हो सका और न ही इसकी नियमित रूप से उचित मरम्मत की गई।

सीता राम ठाकुर के अनुसार पिछले करीब छह महीनों से सड़क की हालत बेहद खराब है। कई जगह सड़क धंस चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में स्थिति और गंभीर हो जाती है। स्कूली बच्चों, पैदल राहगीरों और वाहन चालकों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भोली–गसौड़ सड़क सात पंचायतों की करीब 15 हजार आबादी के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी सड़क से स्कूली बच्चों, कॉलेज विद्यार्थियों, डीआईईटी प्रशिक्षुओं, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों का रोजाना आवागमन होता है। किसान भी खाद, बीज, कीटनाशक और कृषि उपकरण लाने के साथ अपनी फसल को बाजार तक पहुंचाने के लिए इसी सड़क पर निर्भर हैं।

यह मार्ग सिविल अस्पताल, राजकीय डिग्री कॉलेज, पशु चिकित्सालय, बैंक, सीड स्टोर, मार्केटिंग यार्ड, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, डीआईईटी समेत अन्य शिक्षण संस्थानों और जरूरी सेवाओं तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। सड़क की खराब हालत के कारण आम लोगों के साथ बुजुर्गों और महिलाओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

संघर्ष समिति ने कहा कि सड़क की बदहाली का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों और मरीजों पर पड़ रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी इस मार्ग से आवाजाही करते हैं, जबकि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी परेशानी होती है।

समिति ने सरकार और प्रशासन से सड़क की जल्द मरम्मत और स्थायी निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो 3 अगस्त को जिला मुख्यालय में विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। समिति ने क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया है।

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