31 जुलाई: किन्नौर जिले के शिपकी ला दर्रे के रास्ते भारत और चीन के बीच सीमा व्यापार 1 अगस्त से एक बार फिर शुरू होने जा रहा है। कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2019 में बंद हुआ यह व्यापार करीब छह साल बाद दोबारा बहाल किया जा रहा है। व्यापारिक सीजन को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
डीसी किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2026 के व्यापारिक सीजन के लिए व्यापारियों के ट्रेड पास से संबंधित सुरक्षा मंजूरी और पूर्ववृत्त सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शुरुआती चरण में करीब 15 से 17 व्यापारियों के चीन की सीमा में जाने की संभावना है। निर्धारित नियमों के तहत चीन में प्रवेश करने वाले व्यापारियों को 72 घंटे के भीतर वापस लौटना होगा।
शिपकी ला में 2.58 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ट्रेडमार्ट का औपचारिक उद्घाटन कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी करेंगे। आधुनिक सुविधाओं से तैयार इस ट्रेडमार्ट के शुरू होने से स्थानीय व्यापारियों को सीमा व्यापार में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय तथा वाणिज्य एवं सीमा शुल्क मंत्रालय की सूची के अनुसार भारत की ओर से 36 वस्तुओं का चीन को निर्यात किया जा सकेगा। वहीं चीन की ओर से 20 वस्तुओं को भारतीय बाजार में लाने की अनुमति होगी।
डीसी ने बताया कि क्षेत्र में क्वारंटीन सेंटर उपलब्ध नहीं होने के कारण इस व्यापारिक सीजन में जीवित पशुओं का व्यापार नहीं किया जा सकेगा। क्वारंटीन सेंटर स्थापित करने के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत प्रस्ताव भेजा गया है। सेंटर तैयार होने के बाद शिपकी ला मार्ग से पशु व्यापार भी शुरू किया जा सकेगा।
प्रशासन को उम्मीद है कि करीब छह साल बाद शुरू होने वाला सीमा व्यापार किन्नौर के स्थानीय व्यापारियों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित होगा। इसके साथ ही व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।