29 जुलाई: उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में पीलिया, स्क्रब टाइफस और एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त प्रियांशु खाती भी मौजूद रहे।
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग और संबंधित विभागों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश की एडवाइजरी का प्रभावी पालन करने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में स्क्रब टाइफस और हेपेटाइटिस-ए के मामलों में बढ़ोतरी की संभावना रहती है, इसलिए स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने पंचायतों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्कूलों और अन्य विभागों के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि स्क्रब टाइफस संक्रमित माइट (चिगर) के काटने से फैलता है। इससे बचाव के लिए खेतों, झाड़ियों और घास वाले क्षेत्रों में जाते समय शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें, साफ-सफाई रखें और बुखार होने पर तुरंत जांच करवाएं। उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्क्रब टाइफस की जांच और उपचार निशुल्क उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस-ए दूषित पानी और भोजन से फैलने वाला रोग है। इससे बचाव के लिए पानी को उबालकर पीने, भोजन से पहले और शौच के बाद हाथ धोने तथा साफ एवं ताजा भोजन का सेवन करने की सलाह दी गई।
बैठक में एचपीवी टीकाकरण अभियान की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिला मंडी में अब तक 42 प्रतिशत पात्र बालिकाओं का टीकाकरण पूरा हो चुका है। उपायुक्त ने शेष पात्र बालिकाओं का जल्द टीकाकरण पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी माध्यम है और यह टीका सभी सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपलब्ध है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डॉ. दिनेश ठाकुर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरिंदम राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी (टीकाकरण) डॉ. पवनेश कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।