26 जून : हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग के 75 करोड़ गैर-संग्रहणीय और गैर-पुनर्चक्रणीय प्लास्टिक एक्साइज होलोग्राम लेबल की खरीद से जुड़े टेंडर मामले में केंद्र और राज्य सरकार सहित संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह मामला पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2016 और प्लास्टिक फ्री इंडिया अभियान के कथित उल्लंघन से जुड़ा है।
देहरादून निवासी अधिवक्ता अभिनव थापर द्वारा दायर जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि आबकारी विभाग ने 36 माइक्रोन के गैर-पुनर्चक्रणीय प्लास्टिक होलोग्राम की खरीद प्रक्रिया अपनाकर पर्यावरणीय कानूनों और प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान की भावना का उल्लंघन किया है।
याचिका में कहा गया है कि पीईटी प्लास्टिक जैव-अवक्रमणीय नहीं है और इसका पर्यावरण में विघटन होने में 300 से 400 वर्ष तक का समय लग सकता है। इस दौरान यह माइक्रोप्लास्टिक में बदलकर मिट्टी, नदियों और भूजल को प्रदूषित करता है, जिससे प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के उद्देश्यों को नुकसान पहुंचता है।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त 2026 को निर्धारित की है।