29 मई: नाहन के युवा राघव तोमर ने दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़क उमलिंग ला पास तक पहुंचकर सिरमौर जिले का नाम रोशन किया है। करीब 19,024 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस दुर्गम मार्ग तक पहुंचना आसान नहीं माना जाता, लेकिन राघव ने अपने साथियों श्रीयम केसरवानी, कुशाग्र मिश्रा और कुणाल गर्ग के साथ यह चुनौतीपूर्ण सफर सफलतापूर्वक पूरा कर नया इतिहास रच दिया।
बर्फीले तूफान, जमा देने वाली ठंड और बेहद कम ऑक्सीजन जैसी कठिन परिस्थितियों के बीच पूरा किया गया यह सफर युवाओं के लिए फिटनेस, आत्मविश्वास और साहस का प्रेरणादायक संदेश बन गया है। जिस ऊंचाई पर सांस लेना भी चुनौती बन जाता है, वहां तक पहुंचकर इन युवाओं ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया। इस उपलब्धि के लिए उन्हें विशेष प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया है।
लद्दाख में भारत-चीन सीमा के समीप स्थित उमलिंग ला पास दुनिया के सबसे कठिन एडवेंचर रूट्स में गिना जाता है। यहां शरीर से ज्यादा मानसिक मजबूती की जरूरत पड़ती है। राघव तोमर ने बताया कि इस सफलता के पीछे लगातार की गई फिटनेस ट्रेनिंग और मानसिक तैयारी का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में इंसान का आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी ताकत बनता है।
राघव तोमर, नाहन निवासी और रोड सेफ्टी क्लब के पूर्व अध्यक्ष तथा नाहन नगर परिषद की नवनिर्वाचित पार्षद पूजा तोमर के पुत्र हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। राघव ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि यदि शरीर फिट हो और इरादे मजबूत हों, तो दुनिया की सबसे ऊंची सड़क भी मंजिल बन सकती है।