1 जुलाई: शिक्षा विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 166 टीजीटी मेडिकल पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेशों के अनुसार सभी अभ्यर्थियों की नियुक्ति ट्रेनी आधार पर की गई है। उन्हें प्रतिमाह 22,860 रुपये का निश्चित मानदेय दिया जाएगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी चयनित अभ्यर्थी आदेश जारी होने की तिथि से 10 दिनों के भीतर अपने आवंटित विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करें।
जॉइनिंग से पहले अभ्यर्थियों को ट्रेनी नियुक्ति की सभी शर्तें स्वीकार करते हुए संबंधित प्रधानाचार्य या मुख्याध्यापक के साथ बॉन्ड भरना होगा। निर्धारित समय में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर नियुक्ति प्रस्ताव स्वतः रद्द माना जाएगा। ट्रेनी अवधि प्रारंभ में एक वर्ष की होगी, जिसे संतोषजनक कार्य प्रदर्शन के आधार पर हर वर्ष बढ़ाया जा सकेगा। नियमितीकरण सरकार की प्रचलित नीति के अनुसार किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि चयनित अभ्यर्थियों को नवीनतम भर्ती एवं पदोन्नति (आर एंड पी) नियमों के अनुसार अपनी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता से संबंधित सभी प्रमाणपत्र जमा करने होंगे। विद्यालय प्रमुख सभी दस्तावेजों, चरित्र प्रमाणपत्र तथा आरक्षण संबंधी प्रमाणपत्रों का सत्यापन करेंगे। यदि किसी भी दस्तावेज या जानकारी में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अभ्यर्थी की सेवा तत्काल समाप्त की जा सकती है।
ट्रेनी टीजीटी को नियमित कर्मचारियों की तरह वेतन, पेंशन, जीपीएफ, ईपीएफ, एलटीसी, चिकित्सा प्रतिपूर्ति तथा अन्य सेवा लाभ नहीं मिलेंगे। उन्हें केवल निर्धारित अवकाश की सुविधा मिलेगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियुक्त अभ्यर्थियों को उप-कैडर यानी दुर्गम क्षेत्रों में कम से कम तीन वर्ष तक सेवाएं देनी होंगी। यदि कोई अभ्यर्थी ग्रामीण, कठिन या जनजातीय क्षेत्र में तैनाती मिलने के बावजूद कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो उसकी नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी। साथ ही वह अगले एक वर्ष अथवा अगली भर्ती तक दोबारा नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होगा।