1 अगस्त: हिमाचल प्रदेश सरकार ने भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के तहत दो नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने के लिए केंद्र सरकार को 234 करोड़ रुपये के प्रस्ताव भेजे हैं। इन प्रस्तावों को उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) को सौंपा गया है। योजना का उद्देश्य देशभर में विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क तैयार कर निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, पहला 154 करोड़ रुपये का इंडस्ट्रियल पार्क सोलन जिले के मझोली औद्योगिक क्षेत्र में करीब 150 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। यह पार्क ‘प्लग-एंड-प्ले’ मॉडल पर तैयार होगा, ताकि यहां उद्योगों को आवश्यक बुनियादी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
दूसरा प्रस्ताव ऊना जिले के बीटन औद्योगिक क्षेत्र में 75 एकड़ भूमि पर 80 करोड़ रुपये की लागत से इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने का है। यह क्षेत्र हरोली में प्रस्तावित बल्क ड्रग पार्क के नजदीक है। ऐसे में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल पार्क बल्क ड्रग पार्क के लिए सपोर्ट इकोसिस्टम के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अधिकारियों के मुताबिक, BHAVYA योजना के तहत ऐसे औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है, जहां विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा, बेहतर कनेक्टिविटी, भरोसेमंद सुविधाएं, डिजिटल गवर्नेंस, पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं और कामगारों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों।
योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं को प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की केंद्रीय सहायता मिल सकती है। पहले चरण में 20 इंडस्ट्रियल पार्कों के लिए आवेदन मांगे गए थे और आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई थी।
हिमाचल के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार मजबूत औद्योगिक आधारभूत ढांचा तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उद्योग विभाग की प्रधान सचिव एम. सुधा ने बताया कि इन दोनों प्रस्तावों के अलावा प्रदेशभर में आधुनिक ‘प्लग-एंड-प्ले’ सुविधाओं से युक्त औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए अन्य संभावित भूमि की भी पहचान की जा रही है।