19 अप्रैल: हिमाचल प्रदेश सरकार ने समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के लिए एक अहम फैसला लिया है। राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) अधिनियम, 2026 को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब राज्य में पेट्रोल और डीजल पर ‘अनाथ और विधवा उपकर’ लगाने का रास्ता साफ हो गया है।
नए प्रावधान के तहत सरकार पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल की पहली बिक्री पर यह उपकर वसूल करेगी। हालांकि, इस उपकर की दर सरकार समय-समय पर अधिसूचित करेगी, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा 5 रुपए प्रति लीटर तय की गई है।
सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इस उपकर से प्राप्त होने वाली पूरी राशि को विशेष रूप से गठित ‘अनाथ और विधवा कल्याण निधि’ में जमा किया जाएगा। इस फंड का उपयोग राज्य के अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याणकारी कार्यों के लिए किया जाएगा।
विधि विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। राज्यपाल ने 12 अप्रैल 2026 को इस संशोधन विधेयक (अधिनियम संख्या 11, 2026) को अपनी स्वीकृति प्रदान की है। यह संशोधन हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर अधिनियम, 2005 में बदलाव के माध्यम से लागू किया गया है।
सरकार के इस कदम को सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।