30 जुलाई: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उद्योग विभाग के अंतर्गत खनन विंग के कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रदेश में खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक एवं पारदर्शी दोहन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रभावी प्रयासों से पिछले तीन वर्षों में मुख्य एवं लघु खनिजों से होने वाले राजस्व में करीब 70 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 में खनिजों से प्रदेश को 200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 340 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे सरकार की बेहतर निगरानी और प्रभावी कार्यप्रणाली का परिणाम बताया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से केंद्र सरकार द्वारा चूना पत्थर की रॉयल्टी दरों में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जिससे हिमाचल प्रदेश के राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मुद्दे को उचित मंच पर मजबूती से उठाकर प्रदेश का वाजिब अधिकार सुनिश्चित करेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में खनिजों का दोहन वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से किया जाए। साथ ही अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान सहित उद्योग विभाग और खनन विंग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।