1मई: हिमाचल प्रदेश में नगर निगम और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव परिणामों ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट कर दी है। चार नगर निगमों के 63 वार्डों में हुए चुनाव में भाजपा ने 37 सीटों पर जीत दर्ज कर बढ़त बनाई, जबकि कांग्रेस को 23 वार्डों में सफलता मिली। तीन वार्डों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। पार्टी चुनाव चिन्हों पर हुए इस चुनाव में भाजपा ने तीन नगर निगमों में अपना प्रभाव कायम रखा, जबकि पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस ने अपना कब्जा बरकरार रखा।
वहीं, प्रदेश की 3754 पंचायतों के चुनाव परिणाम भी सामने आ चुके हैं। दोनों प्रमुख राजनीतिक दल अपने-अपने समर्थित उम्मीदवारों की जीत का दावा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दावा किया है कि प्रदेशभर में करीब 2400 पंचायत प्रधान और 2300 अन्य पदों पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। दूसरी ओर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल का कहना है कि 74 प्रतिशत पंचायत प्रधान और 77 प्रतिशत उपप्रधान पदों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी हुए हैं।
31 मई को हुए बीडीसी चुनावों के तहत 1769 पदों के लिए मतगणना हुई, जिनमें से अधिकांश परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। इन नतीजों को लेकर भी भाजपा और कांग्रेस दोनों अपनी-अपनी बढ़त का दावा कर रहे हैं। हालांकि, अब सबसे अधिक नजरें जिला परिषद चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं। जिला परिषद और बीडीसी अध्यक्षों के चुनाव के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि स्थानीय स्तर पर सत्ता की कमान किस राजनीतिक दल के हाथ में जाएगी।
ऊना जिले में अब तक सामने आए जिला परिषद परिणामों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को बढ़त मिली है। मुबारिकपुर से पवनजीत, सोहारी वार्ड से योगराज योगी, हरोली-पंजावर वार्ड से इंदु बाला और चटाड़ा वार्ड से अनु ठाकुर ने जीत दर्ज की है, जबकि टक्का वार्ड से कांग्रेस समर्थित सुमित शर्मा विजयी रहे हैं। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के गृह क्षेत्र में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के बेहतर प्रदर्शन ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।