22 जुलाई, कविता शान्ति गौतम : मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय राठी ने हरियाणा में बढ़ते गैंगस्टर नेटवर्क, रंगदारी की घटनाओं और संगठित अपराध पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अपराधियों और उनके संरक्षण तंत्र के खिलाफ समय रहते निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई तो इसका असर समाज, उद्योग, व्यापार, चिकित्सा क्षेत्र और निवेश के माहौल पर पड़ सकता है।
संजय राठी ने कहा कि प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ एवं होली हार्ट अस्पताल के निदेशक डॉ. आदित्य बत्रा के निधन से चिकित्सा जगत को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के अनुसार डॉ. बत्रा का निधन हृदयाघात से हुआ, जबकि विभिन्न माध्यमों में यह भी चर्चा रही कि उन्हें लंबे समय से कथित रंगदारी की धमकियां मिल रही थीं और पुलिस सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह सामने आता है कि इन धमकियों से उत्पन्न मानसिक तनाव का उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, तो पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापारी, चिकित्सक, उद्योगपति और अन्य नागरिक गैंगस्टरों की धमकियों का सामना कर रहे हैं। कई आपराधिक गिरोह विदेशों से कथित रूप से अपना नेटवर्क संचालित कर आधुनिक तकनीक के जरिए रंगदारी मांगने और भय का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यह केवल कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि नागरिकों के विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था की सुरक्षा का भी विषय है।
मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स ने राज्य सरकार से संगठित अपराध के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने, रंगदारी के मामलों की त्वरित जांच, पीड़ितों को प्रभावी सुरक्षा तथा अपराधियों और उनके सहयोगी नेटवर्क पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही जरूरत पड़ने पर राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के बेहतर समन्वय से विदेशों से संचालित कथित आपराधिक नेटवर्क पर भी प्रभावी कार्रवाई करने की बात कही गई है।
संजय राठी ने कहा कि हरियाणा पुलिस ने कई मामलों में सराहनीय कार्य किया है, लेकिन बदलते अपराध स्वरूप को देखते हुए आधुनिक तकनीक, मजबूत रणनीति और दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है, ताकि अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास कायम रह सके।