22 सितंबर: उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों के लिए डेढ़ लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का प्रावधान किया गया है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज तथा योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के संचालकों को अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी दुर्घटना पीड़ित इस सुविधा से वंचित न रहे। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित डाटा तुरंत संबंधित अस्पतालों के साथ साझा करने को कहा गया है।
उपायुक्त मंगलवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्होंने बताया कि हाल ही में जिला हमीरपुर में हुई सड़क दुर्घटनाओं में घायल 14 लोगों को कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की गई है।
जिला में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने सभी एसडीएम, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाईवे और परिवहन विभाग के अधिकारियों को दुर्घटना संभावित स्थानों को चिह्नित करने तथा वहां आवश्यक सुधार करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्य के लिए अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है तो उसकी मांग भी भेजी जाए।
गंधर्वा राठौड़ ने कहा कि नेशनल हाईवे और अन्य सड़कों के जंक्शनों, चौक-चौराहों तथा संपर्क मार्गों के मिलन वाले स्थानों पर सड़क की सही मार्किंग, स्पीड ब्रेकर और चेतावनी बोर्ड की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। इन स्थानों पर दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। उन्होंने नेशनल हाईवे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को नादौन, जलाड़ी, चील बाहल, लाहड़ और कोहली सहित विभिन्न संपर्क मार्गों पर आवश्यक सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए।
एसपी बलवीर सिंह ने बैठक में बताया कि अगस्त माह में जिला में छह सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 11 लोग घायल हुए और एक व्यक्ति की मौत हुई। इस वर्ष 31 अगस्त तक जिला में सड़क दुर्घटनाओं के 62 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 43 मामले दर्ज हुए थे। उन्होंने बताया कि यातायात नियमों की सख्ती से अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा लगातार चालान किए जा रहे हैं।
बैठक में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजीव ठाकुर ने विभिन्न मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभिन्न उपमंडलों के एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।