हमीरपुर में एससी-एसटी अत्याचार के मामलों की जांच में देरी न करने के निर्देश

26 सितंबर: एडीसी अभिषेक गर्ग ने शनिवार को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं, अभियानों और अधिनियमों से संबंधित छह जिला स्तरीय समितियों की बैठकों की अध्यक्षता की।

एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की समीक्षा करते हुए एडीसी ने पुलिस और अभियोजन विभाग के अधिकारियों को मामलों की जांच एवं अभियोजन में अनावश्यक देरी न करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक जिला में अधिनियम के तहत 18 एफआईआर दर्ज हुई हैं। इनमें से 5 मामलों में चालान पेश किए जा चुके हैं, जबकि 12 मामलों में पुलिस जांच जारी है। विभिन्न अदालतों में करीब 28 मामले विचाराधीन हैं और 8 मामलों की कैंसलेशन रिपोर्ट तैयार की गई है। 27 पीड़ितों को राहत राशि प्रदान की जा चुकी है। एडीसी ने उच्च न्यायालय में वर्षों से लंबित मामलों की फॉलोअप रिपोर्ट भी तलब की।

नशा मुक्त भारत अभियान 2.0 की जिला स्तरीय समिति की बैठक में एडीसी ने नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों पर शिकंजा कसने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को फील्ड में औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिला में 100 नशा मुक्ति मित्रों को प्रशिक्षण दिया गया है। नशे की अधिकता वाली 14 ग्राम पंचायतों को रेड ग्राम पंचायत घोषित कर नशा विरोधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सभी संबंधित विभागों को गतिविधियों की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में भेजने और नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने बताया कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिसे स्कैन करके कोई भी व्यक्ति नशा मुक्ति मित्र बन सकता है।

राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के तहत गठित स्थानीय समिति की बैठक में बताया गया कि मानसिक विकलांगता, ऑटिज्म, सेरीब्रल पाल्सी और बहु-विकलांगता से ग्रस्त 18 वर्ष या इससे अधिक आयु के लोगों के लिए कानूनी संरक्षक की नियुक्ति आवश्यक होती है। जिला में अब तक 211 दिव्यांगजनों के अभिभावकों को कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। समिति ने दो नए मामलों में कानूनी संरक्षकों की नियुक्ति को मंजूरी दी।

जिला दिव्यांगता समिति की बैठक में एडीसी ने सरकारी भवनों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन सेवाओं, अस्पतालों, कार्यालयों और शौचालयों में दिव्यांगजनों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हाथ से मैला उठाने वाले सफाई कर्मचारियों के नियोजन प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम-2013 के तहत गठित जिला सतर्कता समिति की बैठक में उन्होंने सभी सफाई कर्मचारियों को आवश्यक उपकरण और सुरक्षा किट उपलब्ध करवाने तथा उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा।

एडीसी ने अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम की भी समीक्षा की और सभी विभागों को पात्र लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।

बैठकों में जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने विभिन्न योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एसपी बलवीर सिंह, जिला न्यायवादी संदीप अग्निहोत्री, नगर निगम आयुक्त राकेश शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और समितियों के गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।

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