26 सितंबर: इस साल मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में हुई भारी क्षति का जायजा लेने गृह मंत्रालय का अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल 28 सितंबर से प्रदेश के दौरे पर आएगा। केंद्रीय दल राज्य सरकार की ओर से भेजे गए करीब 3,200 करोड़ रुपये के क्षति मेमोरेंडम के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों का फील्ड निरीक्षण करेगा। इस दौरान बादल फटने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान और मौजूदा हालात का आकलन किया जाएगा।
केंद्रीय दल के दौरे की सूचना गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन प्रभाग की ओर से राज्य सरकार को भेजी गई है। केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर राज्य को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के तहत मिलने वाली सहायता राशि तय होगी। वहीं, राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के तहत मिलने वाली धनराशि वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार निर्धारित होती है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल के टीम लीडर और गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव रामचंद्रुडु 28 सितंबर को सुबह करीब साढ़े आठ बजे गगल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ ब्रीफिंग के बाद दल कांगड़ा जिले के भटियात और चुवाड़ी के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का फील्ड निरीक्षण करेगा। शाम को धर्मशाला में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक होगी और रात को दल का ठहराव धर्मशाला में रहेगा।
29 सितंबर को केंद्रीय दल कुल्लू के सैंज क्षेत्र का दौरा करेगा। इसके बाद शाम को जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक होगी। 30 सितंबर को टीम बंजार में प्रभावित क्षेत्रों का फील्ड विजिट करेगी। दोपहर बाद दल शिमला के लिए रवाना होगा। इसी शाम होटल पीटरहॉफ में मुख्य सचिव और अन्य सचिवों के साथ केंद्रीय दल की बैठक और डिनर प्रस्तावित है।
एक अक्तूबर को सुबह केंद्रीय दल की मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ बैठक होगी। इसके बाद दल शिमला, कसौली और परवाणू के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हुए चंडीगढ़ के लिए रवाना होगा। सात सदस्यीय केंद्रीय दल का हिमाचल दौरा 28 सितंबर से एक अक्तूबर तक प्रस्तावित है।