5 अगस्त: हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कुल्लू जिले की सैंज घाटी में मंगलवार को भू-धंसाव की दो अलग-अलग घटनाओं में दो मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए। देहुरीधार और गाड़ापारली पंचायत में हुए इन हादसों के बाद दोनों परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। लगातार दरकती जमीन के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।
प्रदेश में बारिश के कारण कुल 153 सड़कें, 191 बिजली ट्रांसफार्मर और 58 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। सबसे ज्यादा असर मंडी, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में देखने को मिला है। शिमला में 39, कुल्लू में 39, मंडी में 35 और सिरमौर में 14 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। 30 जून से मंगलवार तक प्रदेश में मानसून से संबंधित घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो चुकी है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के शिमला केंद्र के अनुसार 10 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। पांच अगस्त को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, छह अगस्त को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है।
भारी बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए सिरमौर जिले के पांवटा साहिब उपमंडल में पांच और छह अगस्त को सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। उपमंडल प्रशासन ने सरकारी और निजी स्कूलों के साथ सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्ले स्कूलों को भी दो दिन बंद रखने के निर्देश दिए हैं।