22 सितंबर: मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत जिला हमीरपुर के 41 बेसहारा युवाओं को मकान निर्माण के लिए 3-3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। वहीं, 9 बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए करीब 7.44 लाख रुपये, 25 युवाओं को शादी के लिए 2-2 लाख रुपये और एक युवा को स्वरोजगार के लिए 1.40 लाख रुपये की सहायता दी गई है। जिले में कुल 211 बच्चे और युवा इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
यह जानकारी एडीसी अभिषेक गर्ग ने सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जिला स्तरीय निगरानी एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत बेसहारा महिलाओं के 1962 बच्चों एवं युवाओं को 92.30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
एडीसी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में कोई भी पात्र बेसहारा बच्चा, युवा, एकल नारी या बेसहारा बुजुर्ग सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जिले के 1351 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से छह माह से छह वर्ष तक की आयु के 14,542 बच्चों तथा 4081 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को विशेष पोषाहार दिया जा रहा है। इसके अलावा 3 से 6 वर्ष तक की आयु के 8045 बच्चे सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड-डे मील की सुविधा दी जा रही है। कामकाजी महिलाओं और उनके बच्चों की सुविधा के लिए जिले में दो क्रैच भी संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में 20,980 बच्चों की स्वास्थ्य जांच के दौरान 80 बच्चे गंभीर रूप से कुपोषित पाए गए हैं। एडीसी ने इन बच्चों की विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए कहा कि गंभीर कुपोषण से प्रभावित बच्चों के पोषण के लिए अतिरिक्त एवं विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि भोरंज ब्लॉक में पायलट आधार पर शुरू किए गए रागी पाउडर वितरण के अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
बैठक में एडीसी ने आंगनवाड़ी भवनों में बिजली, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने डिनोटिफाई किए गए स्कूलों के भवन आंगनवाड़ी केंद्रों को उपलब्ध करवाने के लिए सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल आश्रम सुजानपुर, वन स्टॉप सेंटर, महिला सशक्तिकरण हब, महिला हेल्पलाइन नंबर 181 सहित अन्य सेवाओं की भी विस्तृत जानकारी ली।
एडीसी ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लाभार्थियों को 89 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। वहीं, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियों पर 2.77 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। बैठक में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, विधवा पुनर्विवाह योजना सहित महिला एवं बाल विकास विभाग की अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
कार्यकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान ने बैठक में विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर जिला स्तरीय समिति के सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित रहे।